अभिभावकों की 10 एेसी सीख, जो जिंदगी में कभी काम नहीं आती



कहा जाता है कि अभिभावक कभी हमारा गलत नहीं चाहते। लेकिन जिस तरह से बचपन में हमें हमारे अभिभावक सीख देते हैं वो बच्चों का करियर बनाने का नहीं, बेड़ा गर्क करने का काम करते हैं। आपने भी ये सब चीजें अब बड़ी होकर नोटिस जरूर की होंगी। अगर अब तक नोटिस नहीं की तो अब करिए। अभिभावकों की 11 अतुल्नीय सीख जो जिंदगी का बेड़ा गर्क कर देती हैं।

1. खेलोगे-कूदोगे बनोगे खराब,

पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब।।

सबसे पहला लेक्चर, जिसे हर बच्चे ने सुना होगा। अब भी धोनी, तीरंदाज दीपीका, सायना जैसे खिलाड़ियों को देखने के बावजूद भी इनका यह लेक्चर केवल दो फीसदी ही कम हुआ है। मां-पापा क्यों नहीं समझते की उनकी यह सीख जिंदगी में कभी काम नहीं आती।

Source

2. करियर तो डॉक्टर और इंजीनियर बनकर ही सुरक्षित है

यह इस दुनिया की सबसे गलत सीख है। करियर उसी में बनता है जिसका आपको शौक होता है। पढ़ने का शौक है तभी पढ़कर करियर बन पाएगा, नहीं तो पढ़ने का कोई फायदा नहीं।

Source

3. सोशल मीडिया पर ज्यादा टाइम वेस्ट न किया कर, करियर बिगाड़ देगा

कम से कम आज के जमाने में तो ये बात बिल्कुल गले से नीचे नहीं उतरती। आज के समय में सोशल मीडिया करियर बनाने में काफी मदद करता है। अब तो सोशल मीडिया में ही बेहतर करियर बनाया जा सकता है।

4. हमेशा टॉपर या पढ़ने वालों से ही दोस्ती करनी चाहिए

ये सबसे गलत सीख है। अधिकतर बार, टॉपर या पढ़ने वाले ही सबसे ज्यादा बदमाश होते हैं। वैसे भी अब तक के सफल लोगों को देखने के बाद यह बात पुख्ता हुई है कि करियर के ग्राफ में एक एवरेज बंदा ही ऊपर तक पहुंचता है।

5. लड़कों को लड़कियों से और लड़कियों को लड़कों से दूर रहना चाहिए

ये भारत में दी जाने वाली सबसे ज्यादा गलत सीख है। बचपन से यह सीखा कर एक तरह का अंतर बचपन से ही पैदा कर दिया जाता है। अगर ये सीख नहीं होती तो लड़के आज लड़कियों के प्रति थोड़े संवेदनशील होते व उनकी और अधिक इज्जत कर लेते। 

6. दोस्तों के साथ ज्यादा रहना नहीं चाहिए

दोस्तों के साथ ज्यादा रहने से उनके साथ तर्क-वितर्क करने का मौका मिलता है जो आपको अपनी राय बनाने में काफी मदद करता है। 

7. घूम कर क्या करोगे

भई खुद को एक्सपोज करेंगे। बाहर की दुनिया के बारे में जानेंगे। घूमने से एक्सपोज़र मिलता है साथ ही डीसिज़न लेने की क्षमता भी आती है जिससे कॉन्फिडेंस आता है। आज भी भारत के 90 फीसदी बच्चे ग्रेजुएशन तक अकेले रेल का सफर नहीं करते हैं। इसमें लड़कियों की संख्या तो काफी अधिक है। तभी भारत के आधे से अधिक बच्चे अपने पहले इंटरव्यू में रिजेक्ट हो जाते हैं। 

8. बड़ों को पलटकर जवाब नहीं देना चाहिए

हां इसलिए बड़े होने के बाद भी वो दूसरों के सामने अपनी राय रखने में कतराते हैं। मां-पापा को क्यों समझ नहीं आता कि पलटकर जवाब देना और अपनी पसंद-नापसंद बताना दो अलग चीजें है।

9. रिश्तेदारों से मिलकर रहना चाहिए

बचपने में आधे से ज्यादा बच्चे केवल इसलिए फ्रस्टेट रहते हैं कि उन्हें उनके चिड़चिड़े मामा और घमंडी कज़न से रोकर ही सही, लेकिन बनाकर चलना पड़ता है।

10. ज्यादा फैशन में मत रहा करो

यार फैशन में रहना और अच्छे से रहने में अंतर है। इसलिए आज मास्टर करने तक अधिकतर यूथ का फैशन सेंस बहुत ही खराब होता है। ड्रेसिंग सेंस और हेयर स्टाइल आपके पर्सनेल्टी को निखारने में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं।

मुझे मालुम है, आपलोगों को इससे अलग और भी कई अन्य सीख दी गई होगी। उन सीखों को आप हमारे साथ साझा कर सकते हैं।





Add a Comment

comments

Related Articles

More Articles

  • brazenfaced