रामायण घटित होने के 14 सच्ची फोटोज़।



अब रामायण को मानो या उसे अंधविश्वास बोलो, लेकिन ये 14 फोटोज़ तो बताती हैं कि शायद रामायण असली में हुई थीं। आप न अयोध्या को नजरअंदाज कर सकते हैं और न हनुमानगिरी मंदिर में जाने से खुद को रोक सकते हैं। आप इसमें कितनी भी बहस करवा लो, लेकिन जब मानने की बात आती है तो सारे तर्क धरे के धरे रह जाते हैं और अयोध्या को सामने रख कहा जाता है- हमारे लिए तो यही सत्य है और यही पावन।

लेकिन फोटोज़ दिखाने से पहले हम आपको बता देते हैं कि इन फोटोज़ में हम आपको कहीं भी दस सर वाले राजा के दर्शन नहीं कराने वाले और ना ही बताने वाले हैं बात करने वाले बंदरों का पता। ये सभी चीजें केवल और केवल अनदेखा और अधूरा इतिहास है जिसे इन 14 मंदिरों और जगहों के जरिए सच का रुप दिया जाता है। 

1. हनुमान गिरी 

अयोध्या स्थित मंदिर जहां हनुमान ने राम के निर्वासन के दौरान उनका धैर्यपूर्वक इंतजार किया था।

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2. जानकी मंदिर

नेपाल के जनकपुर में स्थित है यह मंदिर। हर कोई जानता है कि सीता मैया का नाम जानकी भी था। 

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3. पंचवटी 

नासिक के पास एक झोपड़ी है जिसे पंचवटी कहा जाता है। यह वही जगह है जहां राम, सीता और लक्ष्मण ने अपने निर्वासन के दौरान समय गुजारा था। यहीं से कुछ दूरी पर तपोवन है जहां लक्ष्मण की भेंट उग्रवादी सुपर्नखा से हुई थी।

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4. Lepakshi

आंध्रप्रदेश के अनंतपुर जिले का एक छोटा सा गांव है, जहां जटायु, सीता मैया को बचाते-बचाते गिर गया और जान से हाथ धो बैठा। 

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5. राम, हनुमान के साथ, यहां दर्द से तड़प रहे जटायु से मिले। राम ने यहां जटायु को मोक्ष प्राप्त करने में मदद की और दो शब्द कहा- 'ले पक्षी' (Lepakshi)जिसका तेलुगु में मतलब होता है 'पक्षी उदय'। यहां आपको बहुत बड़े पैर के छाप मिलेंगे, जिसे कहा जाता है कि ये हनुमान के हैं। 

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6. रामसेतु

श्रीलंका और भारत को जोड़ने वाला सेतु जिसे राम के बंदर सैनिकों ने बनाया था। इसे देखकर तो आप एक पल के लिए जरूर मान जाएंगे। लेकिन अभी यह पानी के अंदर है।

7. कोनेश्वरम मंदिर, श्रीलंका

रावण, शिव का बहुत बड़ा भक्त था और उसने बहुत कठिन तपस्या की थी। शिव भक्ति के दौरान ही रावण ने भगवान शिव के लिए मंदिर का निर्माण करवाया।

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8. दस सर वाला रावण

कोनेश्वरम मंदिर का ही एक हिस्सा जहां रावण को दस सर का वरदान मिला था। वास्तव में इस मूर्ति का मतलब है या उस समय का सच था, दस मुकुट पहना रावण जो दस राज्यों पर राज करता है।

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9.कान्निया

कोनेश्वरम मंदिर के नजदीक रावण ने गर्म कुओं का निर्माण करवाया था जो अब भी है। 

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10. सीता कुटिया

रावण ने सबसे पहले सीता मैया को लाकर यहीं रखा था। अब यह श्रीलंका में टूरिस्ट प्लेज़ है।

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11. अशोक वाटिका

बाल्मिकी के रामायण की सुंदर अशोक वाटिका आज भी श्रीलंका में है। रावण ने सीता मैया को सीता कुटिया से लाकर यहीं रखा था।

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12. हनुमान के पदचिन्ह

हनुमान जब विकराल रुप धारण कर सीता मैया को खोजने निकले और पहली बार अशोक वाटिका पहुंचे थे। यह तब के ही पदचिन्ह है।

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13. उस्सानगोडा (Ussangoda)

यहां रावण का पुष्पक विमान उतरता था। यहां की जमीन कुछ अजीब तरह की काली है जो आस-पास के क्षेत्र से थोड़ी अलग है। यह कहा जा सकता है कि हनमान ने श्रीलंका में आग लगाने के समय किया था।

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14. दिवुरमपोला, श्रीलंका

जहां राम ने सीता मैया को छुड़ाकर यहां छोड़ दिया था अग्निपरीक्षा के लिए। आज  यहां स्थित इस पेड़ के नीचे अब स्थानीय झगड़ों पर बहस और चर्चा होती है।

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ये सारी जगहों के होने का मतलब यह नहीं कि हम मान लें कि रामायण जैसी घटना कभी घटी थी। बाल्मिकी ने अलग-अलग जगहों से अलग-अलग डाटा इकट्ठे किए औऱ उसे अपने ज्ञान के आधार पर जोड़ा। उसके बाद रामायण सदियों से घर-घर में मौखिक तौर पर सुनाई जाने लगी। कुछ नई चीजें इसमें जुड़ी भी और कुछ हटाई गई। खैर रामायण कभी घटी थी कि नहीं, इस पर बहस करने का कोई फायदा नहीं है। मुख्य चीज है इस कहानी से मिलने वाली सीख-  बुराई कितनी भी ताकतवर हो, हारती जरूर है। 





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