रजत शर्मा की पद्म विजेता बनने की 15 रोचक जानकारी।



 

नमस्कार आज के पोस्ट में हम आपको पढ़ाएंगे, 'आप की अदालत ' से घर-घर में पहचान बनाने वाले व्यक्ति रजत शर्मा के बारे में। खैर आजकल तो तनु शर्मा के कारण ही रजत शर्मा सबकी जबां पर चढ़े हुए हैं। लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था। नकरात्मक चर्चों से पहले रजत शर्मा, केवल और केवल मीडिया में आने वालों के लिए प्रेरणास्रोत के तौर पर रहा करते थे। रजत शर्मा वो शख्स हैं जिनसे आप प्यार कर सकते हैं या नफरत कर सकते हैं, लेकिन आप उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकते। इसी तरह, आप इनकी वर्तमान सफलता के सामने इनकी शुरुआत की जिंदगी को नजरअंदाज नहीं कर सकते। रजत शर्मा के बारे में 15 रोचक जानकारी जिसने उनके पद्मभूषण मिलने के सपने को सच कर दिखाया। 

1. गरीबी में जिया बचपन।

पहले माना जाता था कि पत्रकार बनना अमीरों का शौक है। खासकर तो हिंदी मीडिया में। लेकिन रजत ने इस शौक को अपना शगल बनाया और आज मीडिया में खुद का चैनल और सबसे अधिक देखा जाने वाला शो 'आप की अदालत ' चला रहे हैं। बेशक आज इनकी गिनती अमीर पत्रकारों में होती है लेकिन इनका बचपन सब्जी मंडी के दस बाई दस के कमरे में सात भाई-बहनों और मां-पिताजी के साथ गुजरा है। 

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2. बचपन में एबीवीपी से जुड़े।

रजत शर्मा अपने छात्र जीवन में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के सहयोगी संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् में रहे हैं। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर कई भाजपा नेता से इनकी अच्छी दोस्ती है। शर्मा इसे रिश्तों का नेटवर्किंग कहने के बजाय पिछले चालीस साल के रिश्तों का नतीजा बताते हैं। इन चालीस साल के रिश्तों का नतीजा पद्म भूषण के तौर पर पूरे देश के सामने है।

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3. कॉलेज शुरुआत: दोस्ती की या राजनीति की!

हायर सकेंडरी स्कूल में अच्छे अंको से पास होने के कारण इनका एडमिशन श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में हो गया। जहां उनके बगल की सीट में अरूण जेटली, रोहिंटन नरीमन, रंजन भट्टाचार्या औऱ अतुल कुंड बैठे थे। यहीं से एक गरीब आदमी बड़े-बड़े लोगों के साथ उठना-बैठना शुरू किया और जिंदगी के कुछ सपने देखे। 

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4. 'ऑनलुकर' से शुरू की पहली नौकरी।

आनंद बाजार पत्रिका छोड़ फीचर सिंडिकेशन शुरू करने वाले जनार्दन ठाकुर के अंदर रिसर्चर का काम करते हुए एक रिसर्च आर्टिकल 'ऑनलुकर' को भेजी जिसके बदले में उन्हें 300 रुपये  मिले। 400 रुपये एक महीने के कमाने के बजाय आर्टिकल लिखकर कमाना उनको फायदे का सौदा लगा और 'ऑनलुकर' में 1982 में कॉरेसपॉन्डेंट के तौर पर काम करना शुरू कर दिया। 

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5. 29 साल में ही 'ऑनलुकरके संपादक बन गए।

तीन साल तक  'ऑनलुकर' में काम करने के बाद उन्हें 1985 में  'ऑनलुकर'  का सम्पादक बना दिया गया।  'ऑनलुकर' में एम जे अकबर जैसे पत्रकार भी संपादक के तौर पर काम कर चुके हैं। 

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6. 1992 में सुभाष चंंद्रा से मुलाकात और शुरू हुई 'आप की अदालत'।

संडे ऑब्जर्वर में संपादक रहने के दौरान 1992 में जी टीवी के मालिक सुभाष चंद्रा से मुलाकात हुई। इस मुलाकात में आप की अदालत के बारे में चर्चा हुई और 1994 में 'आप की अदालत ' कार्यक्रम जी न्यूज पर शुरू हुआ। जिसमें आज तक केवल रजत शर्मा ही लोगों को कटघरे में खड़ा करते हैं और उनसे सवाल-जवाब करते हैं।

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7. 2014 में  'आप की अदालत ' के 21 वर्ष पूरे हुए।

इस सेलीब्रेशन में राष्ट्रपति से लेकर प्रधनामंत्री तक मौजूद थे। साथ ही मौजूद थे बॉलीवुड के तीनों खान। 21 साल का ऐसा शानदार जश्न पहला ऐसा गैर सरकारी जश्न था जिसमें सारे राजनीतिक और फिल्मी सितारे मौजूद थे। 

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8. एनबीए को कभी गैरजरूरी बता चुके रजत शर्मा आज उसके प्रसीडेंट हैं।

26/11 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान इंडिया टीवी ने आतंकवादी मामलों के विशेषज्ञ पाकिस्तान मूल की फरहाना को जासुस करार किया था। इसका मतलब होता है आतंकवादी गतिविधियों में शामिल। साथ ही इंडिया टीवी ने ये इंटरव्यू रॉयटर से बिना क्रेडिट दिए प्रसारित किया, जिससे फरहाना की छवि को नुकसान पहुंचा था। जिसकी शिकायत उस समय फरहाना ने एनबीए से की। एनबीए ने इंडिया टीवी पर एक लाख का जुर्माना और रात के आठ से नौ बजे के बीच लगातार पांच दिनों तक खेद की अलग से पट्टी चलाने का निर्देश दिया था। लेकिन इंडिया टीवी ने ऐसा करने के बजाय एनबीए को टीवी टुडे नेटवर्क की जागीर बताते हुए खुद को उससे 10 अप्रैल 2009 को अलग कर लिया था। लेकिन आज इंडिया टीवी के मालिक रजत शर्मा एनबीए के प्रसीडेंट बन गए हैं। 

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9. अपने चैनल के महिला कर्मचारियों से गलत काम करवाने के आरोप लगे।

2014 में रजत शर्मा नकरात्मक चर्चा में तब आए जब उन पर उनके चैनल की एंकर तनु शर्मा ने गलत काम करने के आरोप लगाए। जिसके कारण तनु ने आत्महत्या करने की कोशिश की। तनु का कहना है कि रजत शर्मा की पत्नी उसे लोगों के पास जाने के लिए दबाव बनाया करती थी। 

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10. पद्म भुषण से सम्मानित हो चुके हैं।

अब इसे राजनीतिक चापलुसी कहा जाए या टैलेंट, जो भी हो आज रजत शर्मा पद्म भूषण से सम्मानित हो चुके हैं। 

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11. अंत में 15 ऐसी स्टोरी जिसने रजत शर्मा की लोकप्रियता और मीडिया मुगल बनने में बहुत बड़ी भुमिका निभाई। 

– एलियन पीते हैं गाय का दूध।

– जंगल में लव ट्रैंगल।

– हिमेश पर एलियंस की नजर। 

– कलयुग की अंत की तारीख तय।

– धरती पर आधे शेर और आधे इंसान के सबूत।

– आपके ड्राइंगरुम में बदनाम बेडरूम।

– इसके डबल मीनिंग हेडलाइन।

– डी के बोस का राज इसने खोला। 

यार क्या बकवास दिखाया गया था।

– स्वर्ग का रास्ता।

स्वर्ग का तो मालुम नहीं, पद्म भूषण का रास्ता जरूर खुल गया। 

– रात के अंधेरे में प्याज मांगती चुड़ैल।

हे भगवान, क्या रात में रितु ने मांग प्याज मांग ली थी।

– खूनी पेड़ का रहस्य बताया।

तब से ही शायद पेड़ कम होने लग गए हैं।

– सच्चिन के दिमाग में शैतान।

रजत जी कहीं आपके दिमाग में तो नहीं।

– गायब करने का लोशन।

शायद इसी से करते हैं महिला एंकरों को गायब।

– कार गायब होगी।

न्यूज चैनल बना अब मैजिक शो चैनल।

– भगवान के लिए ही सही … इंडिया टीवी।

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